Not known Details About Dosti Shayari

दोस्तों से बिछड़ के यह एहसास हुआ ग़ालिब,

मेरा सबसे अच्छा साथी तू ही है, जिगरी दोस्त,

खुशियाँ भी सच्ची होती हैं और ग़म भी साझा होते हैं।

“दोस्त आदाब नहीं, पहले कॉफी फिर असलियत।”

तू मेरा चाय का साथी, मैं तेरा पानीपुरी वाला यार,

पर उनकी यादें हर वक़्त दोस्ती बनकर जीती हैं।

जिगरी दोस्त जो होते हैं, वो कभी पीछे नहीं हटते।

Shayari makes it very easy to share what’s within our hearts, and people text reach straight to the guts of the one that reads them.Read through Far more

सच्ची दोस्ती का मतलब सिर्फ साथ Dosti Shayari होना नहीं होता,

कभी झगड़ा करते हैं, कभी मस्ती में बहते हैं!

तेरी दोस्ती में ही तो है, मेरा सबसे बड़ा रोशनी का पोस्ट।

अब वो जख्मों में बदल गए, जो कभी दिल में सुलगते थे।

क्योंकि हमारी यारी में कभी दूरी नहीं है।

फिर एंड में बोलेगा – कुछ नहीं हो सकता तेरा।

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